अमित जोगी केस में बड़ा अपडेट; 23 अप्रैल को सुप्रीम कोर्ट में होगी संयुक्त सुनवाई, हाईकोर्ट ने सुनाई है उम्रकैद की सजा
नई दिल्ली, 20 जुलाई 2026। छत्तीसगढ़ की राजनीति से जुड़े चर्चित अमित जोगी मामले में आज सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया में अहम घटनाक्रम सामने आया। कोर्ट ने इस केस से जुड़े दो अलग-अलग मामलों को टैग करते हुए संयुक्त सुनवाई का आदेश दे दिया है, जिससे मामले ने एक बार फिर सियासी और कानूनी हलकों में हलचल बढ़ा दी है।
क्या हैं दोनों मामले?
पहला मामला 25 मार्च 2026 को दिए गए ‘लीव टू अपील’ आदेश के खिलाफ दायर विशेष अनुमति याचिका (SLP) से जुड़ा है।
वहीं दूसरा मामला 2 अप्रैल 2026 को छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय के फैसले के खिलाफ दायर वैधानिक अपील का है।

सुप्रीम कोर्ट ने दोनों मामलों को एक साथ सुनने का फैसला लेते हुए अगली सुनवाई की तारीख 23 अप्रैल 2026 तय की है। यह सुनवाई केस की दिशा तय करने में बेहद अहम मानी जा रही है।
कोर्ट में दिग्गज वकीलों की मौजूदगी
सुनवाई के दौरान अमित जोगी की ओर से देश के दिग्गज वरिष्ठ अधिवक्ताओं की मजबूत टीम कोर्ट में मौजूद रही। इसमें कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा, सिद्धार्थ दवे और शशांक गर्ग शामिल रहे।

अमित जोगी की प्रतिक्रिया
अमित जोगी की ओर से उनकी कानूनी टीम का आभार जताया गया है। उन्होंने न्यायपालिका पर पूर्ण विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें उम्मीद है कि सत्य सामने आएगा।
क्या हुआ हाईकोर्ट में?
हाल ही में छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय ने जग्गी हत्या मामले (2003) में बड़ा फैसला सुनाते हुए अमित जोगी को दोषी करार दिया, IPC की धारा 302 (हत्या) और 120-B (साजिश) में दोषी माना और उम्रकैद (Life Imprisonment) की सजा सुनाई, कोर्ट ने अपने फैसले में उन्हें साजिश का “मास्टरमाइंड” तक बताया और कहा कि ट्रायल कोर्ट का पहले का बरी करने वाला फैसला गलत था | इस फैसले के बाद: अमित जोगी ने इस सजा को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट ऑफ इंडिया का दरवाजा खटखटाया, यानी अब मामला अपील (Appeal) के रूप में सुप्रीम कोर्ट में चल रहा है |











